Mutual Fund kya Hote Hain | Mutual Fund in Hindi

आजकल निवेश के बहुत से तरीके उपलब्ध हैं जिनमे सबसे लोकप्रिय होता जा रहा है म्यूच्यूअल फण्ड Mutual Fund इसमें आप कम राशि से भी शुरुवात कर सकते हैं अपने बचत की बस इसमें इस बात का ख्याल रखने को विशेषज्ञ कहते हैं की आपने जो राशि म्यूच्यूअल फण्ड में लगा रखी है उसको लम्बे समय के लिए इस फण्ड में रहने दीजिये जिससे वो अच्छी तरह परफॉर्म कर सके

हममे से ऐसे बहुत से दोस्त होंगे जो Mutual Funds के बारे में जानना चाहते हैं हर जहा टीवी पर विज्ञापन, न्यूज़ पेपर में विज्ञापन आते रहते हैं इसके मगर इसकी पूरी जानकरी नहीं है तो उन के लिए ये आर्टिकल मददगार साबित होगा आज हम जानेंगे की क्या होते हैं की क्या होते हैं म्यूच्यूअल फंड्स, कैसे म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्ट करें, आदि

क्या होते हैं Mutual Funds ?

दोस्तों बहुत ही आसान है म्यूच्यूअल फण्ड को समझना इसके नाम से ही पता चल जाता है की, म्यूच्यूअल फण्ड बहुत सारे लोगों का फण्ड है जो एक साथ इकठ्ठा करके किसी जगह शेयर और बांड में निवेश किया जाता है म्यूचुअल फंड में निवेश करने का फायदा यह है कि आपको यह सोचने की जरूरत नहीं होती कि आप कब शेयर खरीदें या बेचें, क्योंकि यह काम फंड मैनेजर करता है

म्यूच्यूअल फण्ड में फण्ड कैसे आबंटित किये जाते हैं ?

आपके मन में ये सवाल ज़रुर आ रहा होगा की आखिर म्यूच्यूअल फण्ड को अलग अलग निवेशकों में कैसे बांटा जाता है आइये देख लेते हैं-

जितने पैसे किसी फण्ड में किसी निवेशक ने लगाये हैं उतने कीमत की यूनिट उन निवेशकों को आबंटित की जाती है जब ये शेयर या बांड्स बेचे जाते है तो उन यूनिट्स के हिसाब से निवेशकों में लाभ या हानि का बंटवारा किया जाता है जिसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है ये लाभांश निवेशकों को AMC शुल्क, एडमिन शुल्क एजेंट का कमीशन निकल कर दिया जाता है

म्यूच्यूअल फण्ड कितने प्रकार के होते हैं ?

आमतौर पर Mutual Funds को 7 प्रकार के होते हैं मगर इन में से सिर्फ 5 प्रकार के फंड्स की बात ज़्यादा होती है ये फंड्स हैं इक्विटी फंड, बैलेंस फंड, इंडेक्‍स फंड, डेब्‍ट फंड, मनी मार्केट फंड, गिल्‍ड फंड और लिक्विड फंड आइये इनके बारे में विस्त्तार से बात करते हैं

इक्विटी फण्ड Equity Fund

ये सबसे ज्यादा जोखिम वाले फंड्स होते हैं इसलिए इन फंड्स मे लाभ भी ज्यादा होता है निवेशक इक्विटी फंड्स में ज्यादा समय तक के लिए निवेश भी करते हैं सभी प्रकार एक म्यूच्यूअल फंड्स में से सबसे ज्यादा पैसा इक्विटी फण्ड का ही लगा हुआ होता है इसलिए यहाँ लाभ ज्यादा होता है साथ ही यहाँ नुक्सान होने की भी संभावना होती है

बैलेंस फंड्स या हाइब्रिड फंड्स Balanced Fund

ऐसे फंड्स जो इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करती है म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम की बैलेंस या हाइब्रिड फंड्स कहलाती है अगर किसी निवेशक को बाज़ार का रिस्क कम लेना हो तो वो बैलेंस या हाइब्रिड फंड्स को अपना सकते हैं इसकी सब्बसे अच्छी बात ये ही की रिस्क भी कम होता है इनमे और लाभ भी ज्यादा होता है

इंडेक्‍स फंड Indexed Fund

जो निवेशक म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहते हैं मगर उनके मन में डर भी बना रहता है बाज़ार के उतार चढाव का और वो चाहते भी है हाई रिटर्न तो उनके लिए सबसे सही इंडेक्स्ड फण्ड होते हैं इंडेक्स फंड एक जोखिम रहित और कम लागत वाला इनवेस्टमेंट माना जाता है

इन फंड्स को पैसिव फण्ड कहा जाता है जिस इंडेक्स को ये ट्रैक करते हैं ये फण्ड उसी सिक्यूरिटी में निवेश करते हैं और इस तरह ये पैसिवली मैनेज्ड फंड होते हैं.  इंडेक्स वेटेज एवरेज कंपोजिट स्कोर होता है जो शेयर बाजार के प्रदर्शन को ट्रैक करता है.  इसका कैलकुलेशन चुनिंदा शेयरों की कीमतों के जरिये होता है,  जो किसी तरह से बाजार के रिप्रेजेंटेटिव होते हैं. बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी इसके उदाहरण हैं

डेब्‍ट फंड Debt Fund

यदि आप निवेश करना चाहते हैं 3 साल या उससे अधिक समय के लिए और आप जोखीम भिनाहिउथाना चाहते बाज़ार का तो आपके पास एक ही विकल्प फिक्स्ड डिपाजिट का रह जाता है मगर यदि आप थोडा सा रिस्क लेने कको तैयार हैं और आपको मुनाफा भी ज्यादा चाहिए तो आपको डेब्‍ट फंड के बारे में प्लान करना चाहिए

डेब्‍ट फंड म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश की एक कटेगरी है इसमें आपके पैसे फिक्स्ड इनकम वाले सिक्योरिटीज में लगाये जाते हैं जैसे बॉन्‍ड, गवर्नमेंट सिक्योरिटी, ट्रेजरी बिल और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर आदि आमतौर पर डेट फंड की तय मैच्योरिटी डेट होती है. यहां पैसा इक्विटी फंड के मुकाबले सुरक्षित होता है. 

मनी मार्केट फंड Money Market Fund

म्यूच्यूअल फण्ड की ही एक केटेगरी है मनी मार्केट फण्ड इसमें निवेशकों का पैसा स्कीम में लगाया जाता है जोकि शोर्ट टर्म हो और जहाँ पैसे भी सुरक्षित हों जैसे ट्रेजरी बिल, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट, कमर्शियल पेपर, रीपर्चेज एग्रीमेंट आदि ये तरह के निवेश एक साल से भी कम समय में मैच्योर हो जाते हैं, इसमें 91 दिन या फिर उससे भी कम समय के लिए निवेश होता है. इसके साथ ही किसी आपातकालीन स्थिति में आप अपना पूरा पैसा भी निकाल सकते हैं. इस में एक्जिट लोड भी कम रहता है.

गिल्‍ड फंड Gild Fund

म्यूच्यूअल फंड्स की एक केटेगरी है गिल्ड फण्ड जोकि डेब्ट फण्ड का की एक प्रकार है इस में निवेशकों का 80% पैसा सरकारी प्रतिभूतियों पर लगाया जाता है निवेशकों को इस बात पर ध्‍यान देना चाहिए कि सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने के कारण इन स्‍कीमों में डिफॉल्‍ट का जोखिम शून्‍य होता है. लेकिन, ब्‍याज दर का बहुत अधिक जोखिम होता है.

लिक्विड फंड Liquid Fund

लिक्विड फंड एक प्रकार का डेट फंड होता है, जो डेट और मनी मार्केट के विकल्प जैसे कमर्शियल पेपर, कॉल मनी, सरकारी सिक्योरिटी, ट्रेजरी बिल आदि में निवेश करता है, जिसमें 91 दिनों तक की मैच्योरिटी अवधि होती है। लिक्विड फंड में निवेश करने का मूल लाभ ज़्यादा लिक्विडिटी है। लिक्विडिटी का अर्थ है कि किसी संपत्ति को कितनी जल्दी खरीदा / बेचा जा सकता है और उसे नगदी में बदला जा सकता है

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म्यूच्यूअल फण्ड में क्यों निवेश करना चाहिए

जहाँ बात आती है निवेश की वहां सबसे पहले ये देखा जाता है की जोखिम का कितना खतरा है और रिटर्न किस अनुपात में मिलने वाला है निवेश करने के बहुत सारे माध्यम हैं जैसे फिक्स्ड डिपाजिट मगर इनमें जोखिम तो कम है और ब्याज दर भी बहुत कम है अब आपके पास दूसरा रास्ता बचता है निवेश का म्यूच्यूअल फण्ड आइये जान लेते हैं क्यों सही रहता है इसमें निवेश करना

आसान और सुरक्षित

म्यूच्यूअल फंड्स खरीदने के लिए कोई निश्चित समय नबी होता अब जब मन चाहे जितना म्यूच्यूअल फन खरीद सकते हैं किसी दिन किसी समय यहाँ सरकारी या बैंक की छुट्टी हड़ताल से फर्क नहीं पड़ता है

मिलते हैं कई विकप्ल

म्यूच्यूअल फण्ड कम निवेश में ज्यादा स्टॉक और बांड्स लेने की सुविधा देतःई जिससे आपका पैसा सुरक्षित रहता है कहीं से नुक्सान हो भी अगर तो किसी ना किस जगह से आपको लाभ भी हो जाता है

SEBI द्वारा रेगुलेट

म्यूचुअल फंड सेक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) द्वारा रेगुलेट किए जाते हैं और उनके NAV (नेट एसेट वैल्यू) या कीमत का घोषणा प्रतिदिन के आधार पर की जाती है। उनके पोर्टफोलियो की घोषणा भी हर महीने की जाती है और इनके बारे में विभिन्न जानकारी भी जनता को दी जाती है।

म्यूच्यूअल फण्ड में कौन निवेश कर सकता है ?

कोई भी भारतीय नागरिक या NRI म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कर सकते है आप अपने नाम से या अपनी पत्नी के नाम से बच्चों के नाम से या नाबालिग बच्चे के नाम से भी निवेश कर सकते हैं इन्समे आप न्यूनतम 500/- रूपए से निवेश कर सकते हैं

म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कैसे करें

बचत करना एक बहुत अच्छी आदत है ये तब पता चलता है जब आप पैसों की वजह से खुद को मजबूर समझाते हैं और आपकी बचत आपके सच्चे दोस्त की तरह आपके साथ खडी हो जाती है और बचत को अगर आप निवेश करना चाहते हैं म्यूच्यूअल फंड्स में तो आपके लिए ये जानना ज़रूरी हो जाता है की आप ये निवेश अपनी किस ज़रूरत को पूरा कने के लिए कर रहे हैं जैसे बहुत से लोग बच्चों की पढाई के लिए निवेश करते हैं, कुछ लोग रिटायरमेंट के लिए करते हैं तो कुछ लोग बच्चों की शादी के लिए करते हैं सबकी अपनी अपनी वजह होती है

किसी बैंक में फिक्स्ड डिपाजिट करने से कहीं ज्यादा सुरक्षित और लाभकारी होता है SIP के ज़रिये म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना इसमें आप अपनी सुविधा अनुसार 100 से 500 रूपए से शुरुवात कर सकते हैं SIP के ज़रिये आप अपना पोर्टफोलियो बना सकते हैं

Mutual Funds के बारे में और अधिक जानकरी के लिए आप म्यूच्यूअल फण्ड सही है की वेब साईट पर विजिट करें Mutual Fund Sahi Hai

म्यूच्यूअल फण्ड से सम्बंधित पूछे जाने वाले सवाल

क्या होते हैं Mutual Funds ?

म्यूच्यूअल फण्ड बहुत सारे लोगों का फण्ड है जो एक साथ इकठ्ठा करके किसी जगह शेयर और बांड में निवेश किया जाता है

म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कैसे करें ?

SIP के ज़रिये म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना इसमें आप अपनी सुविधा अनुसार 100 से 500 रूपए से शुरुवात कर सकते हैं

म्यूच्यूअल फण्ड कितने प्रकार के होते हैं ?

आमतौर पर Mutual Funds को 7 प्रकार के होते हैं मगर इन में से सिर्फ 5 प्रकार के फंड्स की बात ज़्यादा होती है ये फंड्स हैं इक्विटी फंड, बैलेंस फंड, इंडेक्‍स फंड, डेब्‍ट फंड, मनी मार्केट फंड, गिल्‍ड फंड और लिक्विड फंड

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